खिलौनों पर GST सर्कुलर 265/11/2026: गुड़िया, पज़ल पर 5% या 18%

CBIC के सर्कुलर 265/11/2026 ने साफ किया है कि हेडिंग 9503 के सभी खिलौनों पर 5% GST लगेगा अगर वे नॉन-इलेक्ट्रॉनिक हैं, और 18% अगर इलेक्ट्रॉनिक हैं। यह नियम सिर्फ ट्राइसाइकिल और स्कूटर तक सीमित नहीं है। खिलौनों की दुकान वाले क्या चेक करें, यहां पढ़िए।

भारतीय खिलौना दुकानदार महिला अपने काउंटर पर लैपटॉप के पास गुड़िया, पज़ल और मॉडल कारों को दो टोकरियों में छांटती हुई

अगर आप खिलौने बेचते हैं, तो आपने देखा होगा कि गुड़िया, पज़ल और स्केल मॉडल पर अलग-अलग दुकानें अलग-अलग GST रेट से बिल बना रही थीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कुछ टैक्स अधिकारियों ने GST रेट लिस्ट में खिलौनों वाली एंट्री का मतलब बहुत सीमित निकाला। जिन खिलौनों का नाम इन एंट्री में नहीं लिखा था, उन्हें उन्होंने इनसे बाहर मान लिया। इससे उलझन बढ़ी और हर जगह टैक्स एक जैसा नहीं लगा।

CBIC के सर्कुलर नंबर 265/11/2026-GST, जो 28 अक्टूबर 2026 का है, ने साफ़ कर दिया है कि इन मौजूदा एंट्री को कैसे पढ़ा जाए। सीधी बात यह है कि हेडिंग 9503 (यानी 4 अंकों वाला HSN code ग्रुप, जिसमें खिलौने आते हैं) के नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों, जैसे गुड़िया, पज़ल और स्केल मॉडल, पर 5% टैक्स लगेगा। इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर 18% टैक्स लगेगा। पार्ट्स और एक्सेसरीज़ पर भी यही बंटवारा लागू होगा।

आगे हम बताएंगे कि सर्कुलर में क्या कहा गया है और काउंटर पर 5% या 18% रेट कैसे लगाएं। साथ ही यह भी बताएंगे कि आपको अपने HSN code और आइटम मास्टर में क्या जांचना है, और पुराने बिलों के बारे में सर्कुलर क्या कहता है और क्या नहीं कहता।

CBIC के Circular 265/11/2026 में खिलौनों पर GST के बारे में क्या कहा गया है

28 अक्टूबर 2026 को CBIC की टैक्स रिसर्च यूनिट ने Circular No. 265/11/2026-GST जारी किया। सर्कुलर असल में CBIC की तरफ से अपने ही टैक्स अधिकारियों को दिया गया निर्देश होता है। CBIC ने यह सर्कुलर CGST Act, 2017 के सेक्शन 168(1) के तहत मिली ताकत का इस्तेमाल करके जारी किया है। यह सेक्शन CBIC को ऐसे निर्देश देने का अधिकार देता है, ताकि हर टैक्स ऑफिस कानून को एक ही तरह से लागू करे।

यह सर्कुलर GST काउंसिल की 57वीं बैठक की सिफारिशों के आधार पर आया है। यह बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई थी। उस बैठक के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा लेख छोटे कारोबारियों के लिए 57वीं GST काउंसिल बैठक के फैसले पढ़ें।

सर्कुलर के चार मुद्दों में से एक है खिलौने

इस सर्कुलर में चार मुद्दों पर बात की गई है। ये हैं सब्लिमेशन पेपर, खिलौने, मार्जिन scheme के तहत पुरानी गाड़ियों के डीलरों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट, और समुद्री शैवाल (सी-वीड) से बने बायो-स्टिमुलेंट। इस लेख में सिर्फ खिलौनों वाले हिस्से की बात की गई है।

कारोबारियों ने क्या सवाल पूछा था

कस्टम्स टैरिफ एक्ट, 1975 का हेडिंग 9503 वह ग्रुप है, जिसमें खिलौने आते हैं। कारोबारियों का सवाल Notification No. 09/2025-C.T.R. दिनांक 17.09.2025 के शेड्यूल I की S. No. 497 और शेड्यूल II की S. No. 616 को लेकर था। क्या ये एंट्री हेडिंग 9503 के सभी खिलौनों पर लागू होती हैं? या सिर्फ उन खिलौनों पर, जो इनमें नाम लेकर बताए गए उदाहरणों जैसे हैं, यानी ट्राइसाइकिल, स्कूटर और पैडल कार?

कुछ फील्ड फॉर्मेशन (यानी स्थानीय GST ऑफिस और अधिकारी) इन एंट्री का मतलब सीमित दायरे में निकाल रहे थे। जिन खिलौनों का नाम नहीं लिखा था, उन्हें वे इन एंट्री से बाहर मान रहे थे। इससे उलझन पैदा हुई, और एक ही तरह के खिलौने पर अलग-अलग जगह अलग-अलग टैक्स लगने लगा। यह सर्कुलर साफ करता है कि मौजूदा एंट्री को कैसे पढ़ा जाए। इससे कोई नया रेट नहीं आया है।

CBIC ने अपने फील्ड फॉर्मेशन से कहा है कि वे इस सर्कुलर का पालन करें। इसे लागू करने में कोई भी दिक्कत आए, तो उन्हें बोर्ड को बताना होगा। उसी दिन एक अलग सर्कुलर, No. 266/12/2026-GST, भी जारी हुआ था। वह कुछ सर्विसेज़ से जुड़ा है और उसका खिलौनों के रेट पर कोई असर नहीं है।

गुड़िया, पज़ल और स्केल मॉडल पर GST रेट: 5% या 18%?

इस स्पष्टीकरण की मुख्य बात सीधी है। खिलौनों के रेट वाली एंट्री में जो 'etc.' यानी 'वगैरह' लिखा है, वह सिर्फ़ ट्राइसाइकिल, स्कूटर, पैडल कार और पहियों वाले दूसरे खिलौनों तक सीमित नहीं है। यह हेडिंग 9503 के हर तरह के खिलौनों पर लागू होता है। हेडिंग 9503 खिलौनों का HSN ग्रुप है।

इसलिए इन एंट्री में गुड़िया की गाड़ी, गुड़िया, दूसरे खिलौने, छोटे साइज़ के ('स्केल') मॉडल और इसी तरह के मनोरंजन वाले मॉडल भी आते हैं, चाहे वे चलने वाले हों या नहीं। हर तरह के पज़ल भी इन्हीं एंट्री में आते हैं।

किस खिलौने पर कौन-सा रेट

खिलौने का टाइपरेट एंट्रीGST रेट
गैर-इलेक्ट्रॉनिक खिलौने (गुड़िया, पज़ल, स्केल मॉडल, ट्राइसाइकिल वगैरह)S. No. 497, Schedule I5%
इलेक्ट्रॉनिक खिलौनेS. No. 616, Schedule II18%
गैर-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पार्ट्स और एक्सेसरीज़S. No. 4975%
इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पार्ट्स और एक्सेसरीज़S. No. 61618%

उदाहरण से समझिए: राज्य के अंदर बिक्री

राज्य के अंदर बिक्री का मतलब है कि बेचने वाला और खरीदने वाला, दोनों एक ही राज्य में हैं। ऐसी बिक्री में GST बराबर-बराबर दो हिस्सों में बंटता है: CGST (केंद्र का टैक्स) और SGST (राज्य का टैक्स)।

  • गुड़िया, टैक्सेबल वैल्यू ₹1,000: 5% के हिसाब से GST ₹50 बनेगा (CGST ₹25 + SGST ₹25)। बिल का कुल जोड़ ₹1,050 होगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक खिलौना, टैक्सेबल वैल्यू ₹1,000: 18% के हिसाब से GST ₹180 बनेगा (CGST ₹90 + SGST ₹90)। बिल का कुल जोड़ ₹1,180 होगा।

कोई नया रेट नहीं

यह सर्कुलर कोई नया रेट नहीं लाता। यह सिर्फ़ इतना समझाता है कि 17 सितंबर 2025 के नोटिफिकेशन 09/2025-C.T.R. में पहले से मौजूद एंट्री को कैसे पढ़ा जाए। नोटिफिकेशन 09/2025-C.T.R. 22 सितंबर 2025 से लागू है। खिलौनों की एंट्री में बाद में कोई बदलाव हुआ हो, तो उसके लिए CBIC की वेबसाइट ज़रूर देख लें।

खिलौना इलेक्ट्रॉनिक है या नहीं: GST रेट ऐसे तय करें

हेडिंग 9503 वाले खिलौनों पर GST रेट बस एक सवाल से तय होता है। हर खिलौने का रेट तय करते समय यह चेकलिस्ट काम में लें।

  • बस एक सवाल पूछें: क्या खिलौना इलेक्ट्रॉनिक है? जो खिलौना इलेक्ट्रॉनिक नहीं है, जैसे गुड़िया, पज़ल या स्केल मॉडल, उस पर 5% टैक्स लगता है। इलेक्ट्रॉनिक खिलौने पर 18% टैक्स लगता है। 18% वाली एंट्री notification No. 09/2025-C.T.R. के Schedule II की S. No. 616 है। इसमें ट्राइसाइकिल, स्कूटर, पैडल कार जैसे इलेक्ट्रॉनिक खिलौने आते हैं। 5% और 18% दोनों एंट्री में एक जैसे उदाहरण दिए गए हैं। इसलिए खिलौने का नाम देखकर रेट तय नहीं होता। रेट इस बात से तय होता है कि खिलौना इलेक्ट्रॉनिक है या नहीं।
  • जिन सामानों पर शक हो, उन पर अंदाज़ा न लगाएं। इस गाइड में सर्कुलर से 'इलेक्ट्रॉनिक खिलौने' की कोई परिभाषा नहीं दी गई है। इसलिए अपना खुद का पैमाना न बनाएं। अगर किसी खिलौने को लेकर पक्का न हों, तो पहले देखें कि आपके सप्लायर ने खरीद के invoice में उसे किस तरह बिल किया है। फिर बेचने से पहले अपने CA से पक्का कर लें।
  • पार्ट्स और एक्सेसरीज़ खिलौने वाले रेट पर ही चलते हैं। पार्ट्स यानी खिलौने के स्पेयर पुर्ज़े। एक्सेसरीज़ यानी वे चीज़ें जो खिलौने के साथ अलग से जोड़कर इस्तेमाल होती हैं। ये दोनों उन्हीं एंट्री में शामिल हैं। गैर-इलेक्ट्रॉनिक खिलौने का स्पेयर पार्ट 5% पर जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक खिलौने का स्पेयर पार्ट 18% पर जाएगा।
  • शक वाले SKU की अलग लिस्ट बनाकर रखें। SKU यानी आपके स्टॉक में हर सामान का अलग आइटम कोड। उन सामानों की लिस्ट बनाएं जो दो टाइप में आते हैं, जैसे एक ही खिलौना इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के साथ भी बिकता है और उनके बिना भी। इन सामानों पर अपने CA से लिखित राय लें। राय मिलने के बाद ही इनका रेट तय करें।

CA का लिखित नोट होने से आपके पास यह साफ़ रिकॉर्ड भी रहता है कि शक वाले हर सामान पर आपने 5% या 18% क्यों चुना।

बिल पर खिलौनों का HSN code और आइटम मास्टर अपडेट करना

HSN code वह प्रोडक्ट कोड है जो GST बिल पर हर आइटम के सामने छपता है। इस स्पष्टीकरण के दायरे में आने वाले सभी खिलौने कस्टम्स टैरिफ एक्ट, 1975 की हेडिंग 9503 के तहत आते हैं। शुरुआत अपने सप्लायर के खरीद invoice पर लिखे HSN code से करें। देखें कि वह कोड आपके प्रोडक्ट पर सही बैठता है या नहीं। फिर पूरे अंक अपने CA से पक्के कर लें।

आइटम मास्टर आपके बिलिंग software में सेव की गई प्रोडक्ट्स की लिस्ट है। इसमें हर आइटम का नाम, HSN code और GST रेट होता है। आप इसे चार स्टेप में जांच सकते हैं।

  1. सारे खिलौना आइटम फ़िल्टर करें। जितने भी खिलौने आप बेचते हैं, सब अलग निकाल लें: गुड़िया, पज़ल, जिगसॉ, मॉडल किट, राइड-ऑन, और इनके पार्ट्स व एक्सेसरीज़।
  2. HSN code जांचें। इन सभी आइटम पर हेडिंग 9503 के तहत आने वाला HSN code होना चाहिए। जो आइटम किसी दूसरी हेडिंग में सेव है, उसे नोट कर लें और अपने CA से जांच करवा लें।
  3. इलेक्ट्रॉनिक या नॉन-इलेक्ट्रॉनिक मार्क करें। इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर GST रेट 18% और नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर 5% सेट करें। पार्ट्स और एक्सेसरीज़ पर भी यही बंटवारा लागू होता है।
  4. खरीद और बिक्री का रेट मिलाएं, फिर टेस्ट करें। अपने खरीद बिलों पर लगे रेट को उस रेट से मिलाएं जो आप बिक्री पर लगाते हैं। अगर दोनों मेल नहीं खाते, तो सप्लायर से बात करें। इसके बाद हर खिलौना कैटेगरी के लिए एक टेस्ट बिल प्रिंट करें। जैसे, अपने राज्य के अंदर ₹1,000 में बिकी नॉन-इलेक्ट्रॉनिक गुड़िया के बिल पर CGST ₹25 और SGST ₹25 दिखना चाहिए।

ValueSoft में प्रोडक्ट बनाते समय आप हर आइटम का जो HSN code और GST रेट सेट करते हैं, वही हर GST invoice में अपने-आप आ जाता है। CGST/SGST (राज्य के अंदर बिक्री पर केंद्र और राज्य का टैक्स) या IGST (दूसरे राज्य में बिक्री पर टैक्स) का हिसाब भी अपने-आप लग जाता है। अगर आप खिलौनों का काउंटर चलाते हैं, तो हमारा रिटेल दुकानों के लिए POS बिलिंग software बारकोड बिलिंग की सुविधा देता है, जिससे बिल बनाते समय सही आइटम ही चुना जाता है।

पुराने खिलौना बिल 5% या 18% पर: सर्कुलर क्या कहता है और क्या नहीं

सर्कुलर कुछ चीज़ों के लिए पिछली अवधि की बात करता है, लेकिन खिलौनों के लिए नहीं। सब्लिमेशन पेपर और सी-वीड (समुद्री शैवाल) से बने बायो-स्टिमुलेंट के मामले में इसमें GST काउंसिल की यह सिफारिश दर्ज है कि पिछली अवधि को 'as is where is' आधार पर निपटाया जाए। आसान शब्दों में, पुराने लेन-देन जैसे थे, वैसे ही छोड़ दिए जाते हैं। खिलौनों वाले हिस्से में ऐसी कोई बात नहीं लिखी है।

इसलिए तीन सवालों पर सर्कुलर चुप है। यह नहीं बताता कि पहले के invoice सुधारने होंगे या नहीं। यह नहीं बताता कि ज़्यादा भरे गए टैक्स का रिफंड मिलेगा या नहीं। यह भी नहीं बताता कि पिछले महीनों के लिए टैक्स डिमांड (बकाया टैक्स मांगने वाले नोटिस) निकाली जाएगी या नहीं। इनमें से किसी भी बात को अपने आप मानकर न चलें।

अगर आपके पुराने खिलौना बिलों में अलग रेट लगा था

हो सकता है आपने नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर 18% लगाया हो। या किसी टैक्स दफ्तर ने आपसे कहा हो कि 5% गलत था, क्योंकि आपके खिलौने का नाम एंट्री में नहीं लिखा था। दोनों ही हालात में पहले अपनी पुरानी खिलौना बिक्री का डेटा इकट्ठा करें। फिर किसी भी पुराने invoice या फाइलिंग में बदलाव करने से पहले अपने CA की सलाह लें।

CBIC ने अपने फील्ड दफ्तरों से कहा है कि वे सर्कुलर के हिसाब से काम करें। साथ ही यह भी कहा है कि इसे लागू करने में कोई दिक्कत आए तो बोर्ड को बताया जाए। मतलब, आगे और गाइडेंस आ सकती है। CBIC के अपडेट पर नज़र रखें।

काम की सलाह: अपना डेटा तैयार रखें

जिन महीनों की बात है, उनके लिए अपनी GST रिपोर्ट से खिलौनों की बिक्री आइटम के हिसाब से और रेट के हिसाब से निकालें। आपके CA को यह देखने के लिए इसकी ज़रूरत होगी कि कौन-सा माल 5% पर बिल हुआ और कौन-सा 18% पर। अगर आप ValueSoft का GST बिलिंग और return फाइलिंग software इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी GST रिपोर्ट हर महीने अपने CA के साथ शेयर कर सकते हैं। इन रिपोर्ट में credit note और debit note भी शामिल होते हैं।

खिलौनों पर GST: अब आपको क्या करना है

सर्कुलर 265/11/2026 साफ करता है कि हेडिंग 9503 के सभी खिलौने खिलौनों वाली एंट्री में ही आते हैं। इनमें गुड़िया, पज़ल और स्केल मॉडल भी शामिल हैं। जो खिलौने इलेक्ट्रॉनिक नहीं हैं, उन पर 5% GST लगता है। इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर 18% GST लगता है। पार्ट्स और एक्सेसरीज़ पर भी यही बंटवारा लागू होता है। यह सर्कुलर कोई नया रेट नहीं लाता। यह सिर्फ इतना बताता है कि पहले से मौजूद एंट्री को कैसे पढ़ा जाए।

इस हफ्ते ये तीन काम कर लें:

  • अपना आइटम मास्टर अपडेट करें: देख लें कि हर खिलौने पर हेडिंग 9503 और सही रेट, यानी 5% या 18%, लगा हो।
  • जिन आइटम पर शक हो, उन्हें अपने CA से पक्का करें: हर उस खिलौने के लिए ऐसा करें जिसके बारे में आपको पक्का नहीं पता कि वह इलेक्ट्रॉनिक है या नहीं।
  • बिक्री के रेट को खरीद के बिलों से मिलाएँ: अगर कहीं फर्क है, तो उसकी साफ वजह होनी चाहिए।

पुराने बिलों के बारे में सर्कुलर में खिलौनों पर कोई खास निर्देश नहीं दिया गया है। कोई भी पुराना invoice बदलने से पहले अपने CA की सलाह ले लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खिलौनों की रेट वाली एंट्री में लिखा 'etc.' सिर्फ ट्राइसाइकिल जैसे पहियों वाले खिलौनों पर लागू होता है, या HSN 9503 के सभी खिलौनों पर?

यह हेडिंग 9503 के सभी खिलौनों पर लागू होता है। CBIC ने साफ किया है कि नोटिफिकेशन No. 09/2025-C.T.R. के Schedule I की S. No. 497 और Schedule II की S. No. 616 सिर्फ ट्राइसाइकिल, स्कूटर, पैडल कार और ऐसे ही पहियों वाले खिलौनों तक सीमित नहीं हैं। 'etc.' में गुड़िया, गुड़िया की गाड़ियां, बाकी खिलौने, छोटे साइज़ के ('स्केल') मॉडल और ऐसे ही मनोरंजन वाले मॉडल (चालू हों या न हों), और हर तरह के पज़ल शामिल हैं।

इस सर्कुलर से पहले मैंने जो खिलौने 5% पर बेचे थे, क्या उन पर GST अधिकारी मुझसे और टैक्स मांग सकते हैं?

सर्कुलर 265/11/2026 के खिलौनों वाले हिस्से में पिछली अवधि के बारे में कुछ नहीं लिखा है। इसी सर्कुलर में सब्लिमेशन पेपर और सी-वीड (समुद्री शैवाल) वाले बायो-स्टिमुलेंट के लिए पिछली अवधि को 'as is where is' आधार पर निपटाने की सिफारिश दर्ज है। लेकिन खिलौनों के लिए ऐसी कोई बात नहीं कही गई है। CBIC ने अपने फील्ड ऑफिसों से कहा है कि वे इस सर्कुलर के हिसाब से काम करें। यह सर्कुलर पक्का करता है कि गुड़िया, पज़ल और स्केल मॉडल जैसे नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों पर 5% टैक्स लगता है।

मैंने पिछले महीनों में गुड़िया और पज़ल पर 18% लगाया था। क्या मुझे पुराने invoice बदलने होंगे, या रिफंड मिल सकता है?

सर्कुलर में खिलौनों के पुराने invoice सुधारने या रिफंड क्लेम करने की कोई बात नहीं कही गई है। सब्लिमेशन पेपर और बायो-स्टिमुलेंट वाले हिस्सों से अलग, खिलौनों वाले हिस्से में पिछली अवधि के बारे में कुछ नहीं लिखा है। यह सिर्फ इतना साफ करता है कि हेडिंग 9503 के नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों, जैसे गुड़िया और पज़ल, पर 5% टैक्स है। पुराने invoice बदलने या कोई क्लेम फाइल करने से पहले अपने टैक्स सलाहकार से बात कर लें।

स्रोत

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। GST के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले GST पोर्टल देख लें या अपने CA से सलाह ले लें।

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